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जब चलता हूं मैं ।

जब चलता हूं मैं 

रास्ते भी अपना पता 

बताते हैं 

अगर उठा लू कलम तो 

श्याही भी अपना हिसाब दे जाते  हैं।

By:-Bura Insaan

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